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How handle, iiritation, how to overcome boredome.

How handle, iiritation, how to overcome boredome.

हमारे एक क्लाइंट ने हमें एक रिक्वेस्ट लिखी है जिसमें वो लिखते हैं – “मैं बहुत ज्यादा इरिटेट रहता हूँ और इसकी कोई खास वजह नहीं होती है पर मैं बहुत ज्यादा वाक़्त और बिना किसी बात के गुस्सा करता हूँ, लोगों के साथ बुरा व्यवहार करता हूँ पर बाद में मुझे इस बात का अफसोस भी होता है, मुझे क्या करना चाहिए?”हमने उनकी समस्या सुनी और समझी, फिर उनको जवाब में लिखा कि –

वो कहते हैं कि जब इंसान कुछ समझ ना आये, या उससे जो हो रहा है वह ज़्यादा परेशान करता है पर वह कुछ कर न सके ऐसे में इंसान को केवल ग़ुस्सा ही आता है और वो चिड़चिड़े रहते हैं, उन्हें बिना किसी कारण के ग़ुस्सा आता है या वो परेशान रहते हैं। वो कहते हैं कि ऐसा उनके साथ भी होता है जो खाली रहते हैं, और बहुत समय खाली रहने के वजह से वो उससे ऊबर जाते हैं। वो कहते हैं ऐसा में वो चिड़चिड़े हो जाते हैं और बिना वजह ग़ुस्सा करते हैं। वो कहते हैं ऐसे इंसान को Creator (creator of the whole) पर यकीन करना चाहिए और उसका ध्यान करना चाहिए, इससे मन को बहुत शांति मिलती है और मन परेशान होना भी बंद हो जाता है, साथ ही सबर रखने की ताक़त भी आ जाती है। वो कहते हैं वो बहुत mysteries से भरे हुए हैं कब, कैसे, और क्या तो वो नहीं बताते पर उनका ध्यान करने से इंसान का मन भटकना बंद हो जाता साथ ही उसकी परेशानी कम लगने लगती है। वो कहते हैं कि सबर आ जाता है, उम्मीद दिखने लगती है, बेचैन को चैन आ जाता है। वो कहते हैं जब लगे कि कुछ समझ नहीं आ रहा है तब सिर्फ उसी को याद करें।तो हमारी सलाह यह है कि, आप मन शांत करने के उस creator को आप जिस भी रूप में मानते हैं उस रूप में उसका ध्यान करें।

इससे आपका मन भटकेगा नहीं, आपको सबर आयेगा, आपको आपकी परेशानी डराएगी नहीं बल्कि आप जब ध्यान से समझेंगे तो वो छोटी लगेगी और आप उससे निकलने का रास्ता भी ढूंढ़ लेंगे।

साथ ही साथ आप बेचैन रहना, या iritate रहना भी कम हो जाएगा।

आपको आराम मिलेगा।

 

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