what is technology, technology kya hai..
रावणियत का हर काम लोगों के लिए होता है, रावणियत बनाई ही लोगों के लिए गई है। रावणियत को बनाने का मुख्य उद्देश्य यही था कि वे लोग जो कुछ तलाश रहे हैं, जो लोग रास्ता ढूंढ रहे हैं, जिन्हें साथ चाहिए — वे सभी लोग रावणियत में किसी भी वक्त आ सकते हैं। वे कहते हैं, “जिसका जब दिल करे, आ जाए — वजह हो तो ठीक, न हो तो भी ठीक।” वे कहते हैं, “रावणियत में आने के लिए किसी को किसी वजह की जरूरत नहीं है।”
रावणियत लोगों के लिए बनाई गई है और यह लोगों की अपनी संपत्ति है।
वे लोग जो हमसे प्यार करते हैं, जो हमें अपना करीबी समझते हैं, जो हमारी तरफ अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं — रावणियत उन सभी लोगों की है।
रावणियत के पास हर सवाल का जवाब नहीं है, पर हम सब मिलकर उन्हें ढूंढ लेते हैं।
लोग हमें इतना अपना समझते हैं और अपनी बातें हमें बताते हैं, हमसे साझा करते हैं, और हमारा मन रखते हैं — यह एहसास हमें बहुत अच्छा लगता है।
ऐसे ही हमारे एक बहुत प्यार करने वाले ने हमें अपना एक सवाल लिखकर भेजा। उन्होंने कहा — “Tell me how do you describe the technology in the way everybody can understand.”
हम उन्हें जवाब में लिखते हैं कि —
“मैं इतना काबिल नहीं हूँ कि किसी के किसी भी सवाल का पूरा जवाब दे सकूं, पर जो वे बताते हैं, वही मैं लोगों को बता देता हूँ। इससे ज़्यादा न मैंने कभी किया, न मैं कर सकता हूँ। आपके सवाल के जवाब में वे कहते हैं कि हमेशा से किसी ख़ास काम को करने के ख़ास तरीक़े होते हैं। सभी कामों के लिए तरीके अलग-अलग होते हैं, और हर काम को करने के कई तरीक़े होते हैं। तरीक़े का चुनाव व्यक्ति पर निर्भर करता है और स्थिति पर भी। वे इन तरीकों को ही ‘टेक्नोलॉजी’ कहते हैं।
वे कहते हैं कि पुराने तरीकों को ‘Old Technology’ या ‘Ancient Technology’ कहा जाता है। उन्हीं तकनीकों में समय और ज़रूरत का ध्यान रखते हुए संशोधन करके नई तकनीक का निर्माण किया गया, जिसे ‘Modern Technology’ कहते हैं।
वे कहते हैं कि हर दिन, हर रोज़ नए-नए बदलाव करके ‘New Technology’ का आविष्कार किया जाता है।”