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Checklist

शादी के लिए ‘हाँ’ कहने से पहले क्या-क्या बातें जान लेनी चाहिए”

कहते हैं इंसान को परेशान होने से पहले कुछ बातों को जान लेना चाहिए। सबसे पहले इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि उसे समस्या है भी या नहीं। अगर है, तो क्या है। फिर उसे इस बात की समझ होनी चाहिए कि वो खुद इस समस्या को सुलझा सकता है या नहीं। अगर नहीं, तो उसकी समस्या को कौन सुलझा सकता है।वो कहते हैं कि कई बार इंसान को सिर्फ वहम होता है कि वो समस्या में है, और वह खुद को बहुत परेशान करता है, पर असल में कोई समस्या होती ही नहीं।

वो कहते हैं कि कई बार लोगों को यही नहीं पता होता कि असली समस्या क्या है। वो कहते हैं कि लोग मूल समस्या को छोड़कर दूसरी चीज़ों को समस्या समझ लेते हैं और उन्हें हल करने लग जाते हैं, पर इससे उनकी असली समस्या हल नहीं होती, बल्कि वे खुद को और ज़्यादा परेशान कर लेते हैं।वो कहते हैं कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि किसी समस्या का कोई समाधान न हो या वह आपके अनुरूप न हो।

वो कहते हैं कि आपको उसे ढूंढना होता है। कई बार हम उस तरीके को नहीं ढूंढ पाते जो हमें परेशान करता है, और परेशान होना ठीक भी है, पर अगर हम उस समस्या को हल नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर यह होता है कि हमें किसी की मदद ले लेनी चाहिए — पर हमें यह समझना होगा कि हमें किसकी मदद लेनी है।

‘रावणियत’ में एक अनुरोध आया है जिसमें हमारी क्लाइंट लिखती हैं —

“Hi Khan,

I am also a reader of yours from a long time and have also heard about you many times from my friends. But this time I got a problem and I don’t know what to do. My family runs a business, and they want me to marry a guy I have never known personally. This marriage will bring benefits to both parties. Now I don’t know what should I do. Saying yes to marry an unknown person is troubling me, and saying no will cause loss in our business.”

हमने जो उन्हें जवाब लिखा वह है —आप सबसे पहले यह समझिए कि आप ‘मना’ कर सकती हैं या नहीं।

अगर समस्या सिर्फ यह है कि आप उन्हें जानती नहीं हैं, तो पहले आप उनसे जान-पहचान बढ़ा सकती हैं। उनके बारे में परिवार से पूछ सकती हैं, और ज़्यादा जानने के लिए मिल सकती हैं, अपने विचार साझा कर सकती हैं।

अगर आपको उनसे बात-चीत करके लगता है कि आप उनके साथ ज़िंदगी बिता सकती हैं, तो ‘हाँ’ कह दीजिए — इससे दोनों परिवारों का फ़ायदा होगा।

अगर आपको कोई ऐसी समस्या लगे जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है, तो आपके पास मना करने का अधिकार अगर है, तो मना कर दीजिए।

 

 

 

 

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